नर्मदा नदी को प्रेम में

नर्मदा रह गई कुंवारी : हमारे देश में कई ऐसी नदियां है जिसे पवित्र माना गया है।हमारे धर्मग्रंथों में अनेक नदियों से जुडी कथाओं का वर्णन भी मिलता है।ये तो हम सभी जानते हैं की माँ गंगा पृथ्वीलोक पर अवतरित हुई थी और हस्तिनापुर नरेश से विवाह भी किया था। महारथी भीष्म उन्ही के पुत्र थे ।लेकिन ये कोई नहीं जनता की देवी नर्मदा का भी पृथ्वी पर जन्म हुआ था ।और प्रेम में मिले धोखे के कारण देवी नर्मदा जीवन भर कुंवारी ही रह गयी।इसीलिए देवी नर्मदा को चिरकुवारी भी कहा जाता है।तो आइये जानते हैं की देवी नर्मदा को किसने प्रेम में धोखा दिया और  क्यों वो आजीवन कुंवारी ही रही|

नर्मदा कौन है

कथा के अनुसार नर्मदा राजा मैखल की पुत्री है । नर्मदा को रेवा के नाम से भी जाना जाता है।जब नर्मदा विवाह के योग्य हुई तो उनके पिता राजा मैखल ने अपनी पुत्री नर्मदा के विवाह के लिए एक शर्त रखी।शर्त यह थी की जो राजकुमार गुलबकावली के फूल लाकर मेरी बेटी नर्मदा को देगा।उसी से मैं अपनी पुत्री का विवाह करूँगा।

कुछ दिन के बाद सोनभ्रद नामका राजकुमार राजा मैखल के पास गुलबकावली का फूल लेकर आया ।जो देखने ने बड़ा ही सुन्दर था|उसकी सुंदरता और वीरता की चर्चा चारों और थी।राजा मैखल ने उसी समय अपनी पुत्री नर्मदा का विवाह सोनभ्रद से तय कर दी।

नर्मदा की प्रेम कथा :

लोगों से राजकुमार सोनभ्रद की प्रशंसा सुनकर नर्मदा उसे मन ही मन चाहने लगी।अभी विवाह में कुछ दिन बचा हुआ था और राजकुमारी नर्मदा राजकुमार सोनभ्रद को किसी भी तरह से देखना चाहती थी।इसलिए राजकुमारी नर्मदा ने अपनी दासी जुहिला के हाथ राजकुमार को एक संदेश भेजा।लेकिन दासी जुहिला ने मजाक में  राजकुमारी के वस्त्र और गहने मांग लिए और उसे पहन कर सोनभ्रद को मिलने चली गई।वहां पहुँच कर जुहिला ने राजकुमार को नहीं बताया कि वह दासी है।और इधर दासी जुहिला को राजकुमारी समझ कर सोनभ्रद उस पर मोहित हो गया।

प्यार में मिला धोखा

काफी समय बीतने के पश्चात जब जुहिला लौट कर ना आई तो राजकुमारी नर्मदा स्वयं सोनभ्रद से मिलने को चली गई।परन्तु वहाँ जाकर उसने देखा कि जुहिला और सोनभ्रद एक दूसरे में खोये हुए थे । यह दृश्य देख नर्मदा क्रोधित हो गई और घृणा से भर उठी।नर्मदा तुरंत वहां से विपरीत दिशा की ओर चल दी -और कभी वापिस न आई।और उन्होंने उसी वक्त ये प्रतिज्ञा कर लिया की वे कभी भी विवाह नहीं करेंगी।हमेशा कुंवारी ही रहेंगी।

तभी से उल्टी बहती है नर्मदा : नर्मदा रह गई कुंवारी

ऐसा माना जाता है की प्रेम में मिले धोखे के बाद से ही नर्मदा बंगाल सागर की बजाए अरब सागर में जाकर मिलती है ।कहा जाता है कि आज भी नर्मदा की पीड़ा को उनके कल कल बहती जल में महसूस किया जा सकता है। इसकी सत्यता इस बात से भी प्रमाणित होती है कीदेश की सभी बड़ी नदियां बंगाल की खाड़ी में आकर मिलती है।किन्तु नर्मदा ही एक ऐसी नदी है जो बंगाल सागर के बदले अरब सागर में जाकर मिलती है।

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