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रामायण को हिन्दू धर्म का एक पवित्र ग्रंथ माना गया है। इसमें कई ऐसी कथाएं हैं जिन्हे आमतौर पर तो सब लोग जानते हैं। लेकिन कुछ ऐसी बातों का भी वर्णन इसमें मिलता है जिसे अधिकतर जनमानस नजान हैं। जैसे देवी सीता लंका में बिना अन्न-जल ग्रहण किये इतने समय  जिन्दा कैसे रही? या गिलहरी के शरीर पर जो धारियां है उनसे प्रभु राम के क्या सम्बन्ध है ? इस लेख में हम आपको बताएँगे रामायण से जुड़े 21 रोचक तथ्य के बारे में।    

01. रामायण संस्कृत का एक महाकाव्य है जो कवी बालमीकि द्वारा रचित है। इस महाकाव्य में 24000 छंद है जो 7 अध्याय या खंड में विभाजित है। पाठकों अगर हम रामायण के हर हजार छंद का पहला अक्षर लें तो जो 24 अक्षर हमे मिलते हैं वो मिलकर गायत्री मन्त्र बनते हैं। 

02. श्री राम की माँ कौशल्या,कौशल देश की राजकुमारी थी। इनके पिता का नाम सकौशल व माता का नाम अमृत प्रभा था। पूर्वजन्म में भगवान विष्णु ने कौशल्या को त्रेता युग में उनके गर्भ से जन्म लेने का वरदान दिया था। इसी कारण वो भगवान राम के रूप में इस धरती पर अवतरित हुए।

03.रामायण के कई संस्करण हैं। इन्ही में से एक आनंद रामायण के अनुसार रावण ने न केवल देवी सीता का अपहरण किया था। बल्कि कौशल्या का भी अपहरण किया था। ब्रह्मा जी ने रावण को पहले ही बता दिया था कि दशरथ और कौशल्या का पुत्र उसकी मृत्यु का कारण बनेगा। अपनी मृत्यु को टालने के लिए रावण ने कौशल्या का अपहरण कर उसे एक डिब्बे में बंद करके कौशल्या को एक समुद्र से घिरे द्वीप पर छोड़ दिया था।

04.  श्री राम की एक बहन भी थी जिसका नाम शांता था। जिसको बचपन में ही कौशल्या ने अपनी बहन वर्षनी और अंगदेश के राजा गोपद को गोद दे दिया था। इसलिए रामायण में शांता का वर्णन नहीं मिलता।

05.  माना जाता है की देवी सीता भगवान शिव के धनुष को बचपन से ही खेल-खेल में उठा लेती थी । और इसलिए  उनके स्वंयवर में इस धनुष जिसका नाम पिनाका था,उस पर प्रत्यंचा चढाने की शर्त रखी गयी थी ।

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06. एक बार रावण जब भगवान शिव के दर्शन करने के लिए कैलाश पर्वत गए। उन्हें मार्ग में नंदी मिले जिनको रावण ने वानर के मुँह वाला कहकर उसका उपहास उड़ाया। नंदी ने तब रावण को श्राप दिया की वानरों के कारण ही तुम्हारी मृत्यु होगी। आगे चलकर क्या हुआ ये तो सब जानते ही हैं।

07. अपने विजय अभियान के दौरान रावण जब स्वर्ग पहुंचा तो वहां उसे रम्भा नाम की एक अप्सरा मिली। रावण उस पर मोहित हो गया। रावण ने उसे छूने का प्रयास किया तो उसने कहा की मैं आपके भाई कुबेर पुत्र नलकुबेर के लिए आरक्षित हूँ। इसलिए मैं आपकी पुत्रवधु के समान हूँ। पर रावण अपनी शक्ति में इतना चूर था की उसने उसकी एक ना मानी। जब नलकुबेर को इस बात का पता चला तो उसने रावण को श्राप दिया की आज के बाद यदि रावण ने किसी पराई स्त्री को उसके इच्छा के विरुद्ध छुआ तो उसके मस्तक के 100 टुकड़े हो जायेंगे।

08.  जिस दिन रावण सीता का हरण करके अशोक वाटिका में लाया था। उसी दिन ब्रह्मा ने एक विशेष खीर इंद्र के हाथों देवी सीता तक पहुंचाई थी। इंद्र ने देवी सीता के पहरे पर लगे राक्षसों को अपने प्रभाव से सुला दिया। जिसके बाद इंद्र ने देवी को वो दिव्य खीर दी जिसे ग्रहण कर देवी सीता की भूख प्यास शांत हो गयी। और वो अशोक वाटिका में बिना कुछ भी खाये पिए रह सकी।

09. रावण भगवान शिव का अनन्य भक्त था। भगवान शिव के भजन कीर्तन के लिए रावण ने एक बार अपनी बाजू काटकर उससे एक वाद्ययंत्र भी बनाया था। जिसे रावण हट्टा का नाम मिला।

10. शेषनाग के अवतार लक्ष्मण ने रावण के पुत्र मेघनाद को ही नहीं उसके दूसरे पुत्रों जैसे प्रहस्त और अतिकाय को भी मारा था।

11. जिस समय श्री राम वनवास को गए थे उस समय उनकी आयु 27 वर्ष थी। राजा दशरथ नहीं चाहते थे की राम वन जाये। इसीलिए राजा दशरथ ने उन्हें सुझाव दिया की वे उन्हें बंदी बना लें और राजगद्दी पर बैठ जाये लेकिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम ऐसा कभी नहीं करते।

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12. वनवास के दौरान श्री राम ने एक कबंध नामक श्रापित राक्षस का वध किया था। उसी ने राम को सुग्रीव से मित्रता करने का सुझाव दिया था।

13. रावण जब विश्व विजय पर निकला तो उसका युद्ध अयोध्या के राजा अनरण्य के साथ हुआ। जिसमे रावण विजयी रहा। राजा अनरण्य वीरगति को प्राप्त हो गए। उन्होंने मरते हुए श्राप दिया की तेरी मृत्यु मेरे कुल के एक युवक द्वारा होगी।

14. बाल्मीकि रामायण के अनुसार एक बार रावण अपने पुष्पक विमान से जा रहा था। उसने एक सुन्दर युवती को तप करते देखा। वह युवती वेदवती थी जो भगवान विष्णु को पति के रूप में पाने के लिए तपस्या कर रही थी। रावण उस पर मोहित हो गया और उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जाने का प्रयास करने लगा। तब उस युवती ने रावण को श्राप दिया की तेरी मृत्यु का कारण एक स्त्री बनेगी और उसने अपने प्राण त्याग दिए।

15. श्री राम के भाई राजकुमार भरत को अपने पिता की मृत्यु का आभास पहले ही हो गया था। उसने स्वप्न में देखा की उसके पिता काले कपड़ों में लाल रंग की फूलों की माला पहने हुए  एक रथ में बैठकर दक्षिण दिशा की ओर जा रहे हैं। और पिले रंग की स्त्रियां उनपर फूलों की वर्षा कर रही है।

16.पाताल का राजा अहिरावण और उसका भाई महिरावण बेहद ही शक्तिशाली असुर थे। अहिरावण ने राम और लक्षमण को बंदी बना लिया था। प्रभु राम और लक्षमण को बचाने और अहिरावण-महिरावण के वध के लिए हनुमान को पंचरूपी रूप लेना पड़ा था। 

17.   रावण महाज्ञानी विद्वान था। भगवान राम ने भी उन्हें महाब्राह्मण कहा था। इसलिए जब रावण मृत्यु शय्या पर था तब प्रभु राम ने लक्षमण से रावण के पास जाकर उससे ज्ञान अर्जित करने को कहा था।

18. रावण जब अपने विश्व विजय अभियान पर था तो वह यमपुरी पहुंचा। जहाँ उसका युद्ध यमराज से हुआ। जब यमराज ने उसपर कालदंड का प्रहार करना चाहा तो ब्रह्मा जी ने उन्हें रोक दिया। क्यूंकि वरदान के कारण रावण का वध किसी देवता द्वारा संभव नहीं था।

19. माना जाता है की गिलहरी के शरीर पर जो धारियां है वे भगवान राम के आशीर्वाद के कारण है। जिस समय लंका पर आक्रमण करने के लिए राम सेतु का निर्माण हो रहा था उस समय एक गिलहरी इस काम में मदद कर रही थी। उसके इस समर्पण भाव को देखकर श्री राम ने प्रेम पूर्वक अपनी अंगुलियां उसकी पीठ पर फेरी थी। ऐसी मान्यता है की  तब से उसके शरीर पर धारियां पड़ गई ।

20. राम-रावण के युद्ध के दौरान भगवान राम के लिए इंद्र ने अपना रथ भेजा था जिस पर बैठकर राम ने रावण का वध और युद्ध में विजय प्राप्त की थी।

21. पाठको आपको जानकर हैरानी होगी की श्री राम का अवतार एक पूर्ण अवतार नहीं माना जाता। श्री राम 14 कलाओं में पारंगत थे जबकि श्री कृष्ण 16 कलाओं में पारंगत थे। ऐसा इसलिए था की रावण को वरदान प्राप्त थे की उसे कोई देवता नहीं मार सकता। उसका वध कोई मनुष्य ही कर सकता है।

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